प्रखंड मुख्यालय परिसर में नल जल योजना तहत लगे जर्जर टूटी से प्रतिदिन हजारों लीटर शुद्ध पेयजल गंदे नाले में व्यर्थ बहकर बर्बाद हो रहा है, जिसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। एक तरफ सरकार ग्रामीण स्तर पर जल संरक्षण को लेकर कई योजनाएं व कार्यक्रम संचालित कर रही है, बावजुद आज प्रखंड मुख्यालय में ही हजारों लीटर शुद्ध पानी बहकर बर्बाद हो रहा है।