बस्तर की ग्रामीण महिलाएं इस बार होली के पर्व को केवल रंगों के उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के एक नए अध्याय के रूप में परिभाषित कर रही हैं। 'बिहान' योजना से जुड़ी ये दीदियां अपनी पारंपरिक रसोई और बाड़ी से निकले कुदरती खजानों जैसे पालक, लाल भाजी, चुकंदर और पलाश के फूलों को वैज्ञानिक विधि से सतरंगी गुलाल में तब्दील कर रही हैं। क्रांतिक