छापीहेड़ा स्थानीय कृषिउपज मंडी प्रांगण में कथावाचक प्रेमनारायण जी गेहूखेड़ी वाले के श्रीमुख से चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन आज रविवार की दोपहर 2:00 बजे उन्होंने जनवरी में नया वर्ष मनाने के चलन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह हमारी सनातन परंपरा के विरुद्ध है। भारतीय संस्कृति के अनुकूल गुड़ी पड़वा से ही नया वर्ष प्रारम्भ होता है। उन्होंने पालको से अपन