बाबाताल स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा में भक्ति की अविरल धारा बही। कथा व्यास पंडित इंद्रमणि त्रिपाठी ने अपनी ओजस्वी वाणी से विभिन्न पौराणिक प्रसंगों का सजीव वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए।