मकर संक्रांत का पर्व पूरे क्षेत्र में हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों की छतों और खुले मैदानों में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की भीड़ देखने को मिली। जैसे ही सूर्य ने उत्तरायण की दिशा में प्रवेश किया, आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सज गया। मकर संक्रांत पर पतंग उड़ाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है।