आज हम बात कर रहे हैं विकास के उन दावों की, जो फाइलों में तो सुनहरे हैं लेकिन धरातल पर पत्थर की लकीर भी नहीं बन पाए। मामला पन्ना जिले की पवई जनपद पंचायत के टिकरिया गांव का है। यहाँ 'डबल इंजन' सरकार के सुशासन के दावे उस वक्त खोखले नजर आए, जब मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे आदिवासी परिवारों का सब्र टूट गया।