तहसील क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का सपना दिखाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन शासन-प्रशासन यहाँ संसाधन और स्टाफ तैनात करना भूल गया है। करोड़ों की लागत से बना नवीन भवन तो खड़ा है लेकिन डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के अभाव में यह अस्पताल महज एक शोपीस बनकर रह गया है। पिछले वर्ष अस्पताल को 50 बिस्तरों वाले