ऐतिहासिक धरोहरों की उपेक्षा को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश द्वारा 14 सरकारी कार्यालयों की चल संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए जाने के बाद प्रशासन में हलचल मच गई है। न्यायालय की सख्त कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और जलमहलों के संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए गए।