कांकेर।गांव और शहर दोनों जगह पर पारंपरिक उत्साह के साथ गौरा-गौरी पर्व मनाया गया। पर्व की शुरुआत 18 अक्टूबर धनतेरस से हुई, जब श्रद्धालुओं ने गौरी गौरा को जगाने की रस्म निभाई। 20 अक्टूबर दीपावली के दिन मिट्टी से प्रतिमा बनाकर बाजा-गाजा और कलश यात्रा के साथ बारात निकाली गई तथा परिक्रमा व रात्रि जागरण किया गया।