शिकारीपाड़ा के कजलादहा और कुसपहाड़ी में धूमधाम के साथ की गई रास पूजा। इस पर भगवान कृष्ण और राधा की प्रतिमा स्थापित कर पुरोहित के द्वारा विधिविधान एवं वैदिक मंत्रों उच्चारण के साथ पूजा अर्चना किया गया। राधा कृष्ण के अगल बगल कई गोपियां के मूर्ति भी बनाई गई।इस अवसर पर कजला दहा और कुशपहाड़ी में मेला का भी आयोजन किया गया।