पिता के सपनों की राह पर चलता एक पुत्र… जनसेवा को राजनीति नहीं, धर्म मानने वाला — संजय सत्येंद्र पाठक। बिरुहली की धरती बनी साक्षी, जहाँ जंगल की गोद में सजा अपनत्व का उत्सव। नूतन वर्ष पर आयोजित विशाल वन भोज में लाखों लोग जुटे एक परिवार की तरह। न मंच, न दूरी… विधायक संजय सत्येंद्र पाठक स्वयं जनता के बीच बैठे, साथ भोजन किया, हालचाल जाना और आशीर्वाद लिया। संज