दरअसल यह मामला बीते कई महीनों से क्षेत्र में सांप्रदायिक और प्रशासनिक तनाव का कारण बना हुआ था। दरअसल, उक्त सरकारी भूमि पर बिना किसी अनुमति के एक ढांचे का निर्माण कराया गया था, जिसे स्थानीय ग्रामीणों ने अवैध बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया था। क्योकि यह धर्म परिवर्तन का मुख्य केंद्र माना जा रहा था इस मामले को लेकर पूर्व में कई बार हिंदू संगठनों और ग्रामीणों ने