गोरखपुर: कुष्ठ रोग से उभर चुके मरीजों के साथ भेदभाव न करने के लिए जिला कुष्ठ अधिकारी कार्यालय पर दिलाई गई शपथ
कुष्ठ का उपचार ले चुके या उपचाराधीन कुष्ठ रोगी से समाज में संक्रमण का कोई खतरा नहीं है।ऐसे लोगों के साथ रहा जा सकता है और उनके साथ विवाह भी किया जा सकता है। समाज को खतरा उन रोगियों से है जो लक्षण के बावजूद भय, भ्रांति, कलंक और भेदभाव के कारण कुष्ठ की जांच नहीं करा पाते हैं । इस संदेश के साथ साथ जिला कुश्ती अधिकारी कार्यालय पर दिलाई गई शपथ।