मणिकर्णिका घाट पर नागा साधु और अघोरी साधुओं ने की प्रेसवार्ता, कहा- मसान की होली अघोरी और साधु संतों के लिए छोड़ दें
वाराणसी। रंगभरी एकादशी के अगले दिन काशी के महाश्मशान घाट पर बाबा दिगंबर भूत - पिशाच, किन्नर, अघोरी सहित अदृश्य शक्तियों के साथ चिता भस्म की होली खेलते है ऐसी मान्यता है, पिछले कुछ दशकों से आम लोग भी शामिल होकर मसाने की होली खेलने लगें हैं। जिसको लेकर काशी में इसका कुछ लोग विरोध कर रहे है, अब साधु संत के बाद अघोरी समाज भी सामने आ गया है।