पांचालघाट मेला रामनगरिया में भिन्न प्रकार के भक्त देखने को मिलते है।महेश पाल उपकारी ने रविवार दोपहर 2 बजे बताया कि 14 वर्ष से पूरे परिवार के साथ कल्पवास कर रहे है।उन्हें जैन मुनि के कड़वे बचन सुनकर गंगा किनारे कल्पवास की प्रेरणा मिली।अब दो साल के पौत्र से लेकर 62 साल के महेश पाल उपकारी समेत पूरा परिवार कल्पवास करता है।आधुनिकता और अध्यात्म का अनूठा संगम है।