बालोद जिले में गौरा-गौरी पर्व का समापन श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। चार दिनों तक चली विवाह रस्मों के बाद मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात श्रद्धालुओं ने गौरा-गौरी की प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना कर उन्हें गाजे-बाजे और पारंपरिक गीतों के साथ बुधवार सुबह 9 बजे विसर्जित किया।