इटावा महोत्सव एवं प्रदर्शनी के तहत आयोजित कुल हिन्द मुशायरे में युवा शायरा हिमांशी बाबरा की शायरी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।दर्द, इश्क़ और ज़िंदगी की नाजुक भावनाओं से सजे उनके शेरों पर महफ़िल बार-बार तालियों से गूंज उठी।दिल ऐसे मुब्तला हुआ तेरे मलाल में,ज़ुल्फ़ें सफ़ेद हो गईं उन्नीस साल में.....शनिवार सुबह 11बजे मिली जानकारी।