गोपालगंज: शबे बरात की रात गुनाहों की माफी की रात है, आज के दिन अपने पूर्वजों को याद की जाए : दरगाह रोड में बोले मौलाना आशिक रजा
शबे बरात की रात गुनाहों की माफी की रात है। अल्लाह के फरमाए हुए वसूलों पर चलने वाले लोग आज की रात अपने पूर्वजों को कब्रिस्तान में जाकर याद करते हैं। इस रात गुनाहों की माफी की रात है। यह बातें मंगलवार की शाम 5:00 बजे मौलाना आशिक राजा ने कही।