यह मोहन सरकार है—इसे इंदौर के लोगों के मातम से “घंटा” फर्क नहीं पड़ता।
गंदा पानी पीने से 15 लोगों की मौत, 1500 से ज़्यादा बीमार, और सरकार व मंत्री मौन साधे बैठे हैं।
यह हादसा नहीं, सरकारी लापरवाही से हुआ अपराध है।
यह सरकार जनता को सुरक्षा न
यह मोहन सरकार है—इसे इंदौर के लोगों के मातम से “घंटा” फर्क नहीं पड़ता।
गंदा पानी पीने से 15 लोगों की मौत, 1500 से ज़्यादा बीमार, और सरकार व मंत्री मौन साधे बैठे हैं।
यह हादसा नहीं, सरकारी लापरवाही से हुआ अपराध है।
यह सरकार जनता को सुरक्षा न - Madhya Pradesh News