शक्करगढ़ में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस भूमि को अतिक्रमण बताकर पहले इंदिरा रसोई ध्वस्त की गई, उसी स्थान पर बने निजी चबूतरे को अब सार्वजनिक भूमि बताकर कार्रवाई से बचाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतकर्ता को लाभ पहुंचाने के लिए नियम बदले गए। इंदिरा रसोई हटाने के बाद दुकानों के सामने निजी चबूतरा बना लिया गया, लेकिन शिक