धनोप गांव में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित पारंपरिक दड़ा महोत्सव ने एक बार फिर आने वाले वर्ष को लेकर शुभ संकेत दिए हैं। रियासत काल से चली आ रही इस अनूठी परंपरा में दड़ा (गेंद) के माध्यम से मौसम, फसल और जमाने का अंदाजा लगाया जाता है। इस वर्ष दड़े की स्थिति के अनुसार आने वाला साल सामान्य और सुकाल वाला रहने की भविष्यवाणी हुई जिससे ग्रामीणों में उत्साह और खुश