अटल जी कहते थे कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे हुए मन से कोई खड़ा नहीं होता, कल मोदी जी छोटे मन व टूटे मन से ही भाषण करते रहे।मोदी जी का राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पर सजा मंच सिर्फ विपक्षी विभूतियों की आलोचना व लड़वाने का मंच था। उन्होंने अटल जी,श्यामा प्रसाद मुखर्जी व दीनदयाल जी से कोई प्रेरणा ना लेते हुए केवल विपक्षी दलों को गाली देने का काम किया।