मरमी में आयोजित तुलसी विवाह एवं संस्कार भागवत के दूसरे दिन शुक्रवार को शिव- सती विवाह प्रसंग एवं 52 शक्तिपीठों व माताजी की उत्पत्ति कथा का वर्णन करते हुए गौ भक्त संत राधेश्याम सुखवाल ने कहा कि दुनिया में अहंकार, भेदभाव एवं नफरत ही नर्क है, जिसे व्यक्ति स्वयं निर्मित कर लेता हैं। जबकि भक्ति व प्रेम से धरती पर स्वर्ग का अवतरण होता है। दक्ष यज्ञ का सुंदर विवेच