वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी व बहुमूल्य रोड किनारे के पेड़ों की अवैध कटाई का बड़ा मामला सामने आया है। लंबे समय से की जा रही शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर आखिरकार लखनऊ वन विभाग के अधिकारियों के आदेश पर जांच कराई गई। मुख्य वन संरक्षक की जांच में वनरक्षक शगुन पाराशर दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है।