ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी पर स्कूली बच्चों द्वारा दोनों गांव में प्रभात फेरी निकाली जाती थी लेकिन इस बार सनौद में प्रभात फेरी नहीं निकलने की जानकारी पर दोनों गांव के मध्य विवाद हो गया। DEO मधुलिका तिवारी ने जहां दोनों गांव के ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन संतुष्टि जनक फैसला नहीं हो पाया है।