🅿️आकांक्षी ब्लॉक मझगवां में स्कूल की छत से टपकता जनजातीय मर्म, नीचे आदिवासी बच्चे 2026 में देख रहे 1947 का चित्रण ।
📡सतना जिले में विकसित भारत और असंवेदनशीलता, की पोल खोलती ये तस्वीर जहां स्कूल की छत से टप टपाता बारिश का पानी, नीचे नौनिहालों के ऊपर झरझराता बालू और सीमेंट , यह दृश्य मध्यप्रदेश के उस जिले का है जो देश के कोने-कोने में सीमेंट उत्पाद के लिए विख्यात है, जहां 5 पंचवर्षीय से भाजपा के सांसद हैं, यह दृश्य है उस जिले का जहां इन आदिवासी कपोलों के उत्थान के लिए DRI जैसी महान संस्थाएं कार्य कर रही है । पूरा मामला सतना जिले के मझगवां विकासखंण्ड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला तागी का है जहां शासन द्वारा विद्यालय तो बनाया गया है लेकिन उस विद्यालय की हालत इतनी खस्ता हो चुकी है जिसमें बारिश की एक बूंद बाहर नहीं जाती...सारा पानी भवन के अंदर छत से टप टपाता है और उसी टपकती छत के नीचे 52 आदिवासी बच्चे अपना जीवन दांव पर लगाकर अपना भविष्य संवारने में जुटे हैं...आप इस वीडियो के माध्यम से देख पा रहे होंगे कि विद्यालय की छत से टपकते पानी से पूरा विद्यालय भींगा हुआ है और बच्चों के कपड़े पानी से सराबोर हैं, क्या यह तस्वीर सरकार की,जिले की,ब्लाक की व्यवस्थाओं पर प्रश्न चिह्न नहीं है ? जिसमें सरकार मंच से खड़े होकर विषेश कर जनजातीय समुदाय के विकास के बड़े बड़े दावे करती है ! और पीठ थपथपाती रहती है !
पंकज कुशवाहा ✍️
Majhgawan, Satna | Aug 7, 2026