सूखे हुए "कुंआ" को इतना घमंड!
गरीब के मत से जीतकर उसी को अपने गुस्से के आतंक का पैमाना समझना। ये एक अपराधी का बेटा है, इसका भाषा भी अपराधी के जैसा ही रहेगा।
सूखे हुए "कुंआ" को इतना घमंड!
गरीब के मत से जीतकर उसी को अपने गुस्से के आतंक का पैमाना समझना। ये एक अपराधी का बेटा है, इसका भाषा भी अपराधी के जैसा ही रहेगा। - Begusarai News