दिसम्बर की हाड़ कपा देने वाली ठंड में जहा लोग रात ढलते ही घर मे दुबक जाते है वही एक ऐसा दबका जो सड़क किनारे इस कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे अपना गुजर बसर कर रहा है।जिनके लिए नगर निगम के द्वारा रैन बसेरा के इंतजाम तो कर दिए गए।लेकिन निगम द्वारा सिर्फ सहरी इलाको में गरीबो को रात में उठाकर रेन बसेरा में ले जाने का काम तो किया जा रहा है।वही रांझी में गरीब