बिंद प्रखंड में अगलगी की घटनाओं से निपटने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। परिणाम स्वरूप हर साल आग लगने की घटनाओं में किसानों और गरीबों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। स्थिति यह है कि आग लगने पर ग्रामीणों को अपने स्तर पर ही उसे बुझाने की कोशिश करनी पड़ती है, क्योंकि दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच पातीं। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में.