पचनद जहाँ नदियाँ मिलती हैं, वहाँ केवल जलधाराएँ नहीं जुड़तीं, बल्कि जीवन की नई संभावनाएँ आकार लेती हैं। पचनद संगम से इसी भाव के साथ जल सहेलियों ने अविरल निर्मल यमुना यात्रा का शुभारंभ किया। उक्त यात्रा शनिवार दोपहर करीब 1 बजे चकरनगर कस्बा पहुंची जहां पर जय गुरुदेव अतिथि गृह में भारी संख्या में महिलाओं सहित पुरुषों की कतारों को नास्ता कराया गया फिर सभा की गई।