गड्ढे भी इतने गहरे कि उतर कर स्वीविंग कर लो, इस मार्ग का सफर यमलोक के अंतिम सफर जैसा प्रतीत होता है, लेकिन मंचों से चहुँमुखी विकास की दुंदुभी बजाने वाले जनप्रतिनिधि आमजनों को होने वाली सफर की दिक्कतों पर चूँ तक नहीं कह रहे है, शायद उनके पास कोई हवाई बाईपास है, जिससे ये "छोटी-मोटी" परेशानी नज़र ही नहीं आ रही नहीं तो भला इतने बड़े-बड़े गड्ढे कोई कैसे मिस कर सक