मंदिर के पुजारी पंडित चेतन जोशी ने बताया कि ये व्रत हर साल कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर आता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का खास महत्व होता है। मान्यता है कि जो भी भक्त इस दिन पूरे नियम और श्रद्धा से व्रत करता है, उसे बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी दुख-दर्द मिट जाते हैं।आयोजन कर्ता संगीता संजय गुणावत एवं गुणावत पर।