जन सुविधा या जन मज़ाक? बस स्टैंड का शौचालय बना ‘सूखा स्मारक’, जवाबदेही किसकी?टंकी ऊपर, पानी गायब—बस स्टैंड शौचालय पर नेताओं की फोटो, जनता की मजबूरी! उद्घाटन की राजनीति, सुविधा की बलि—बस स्टैंड शौचालय बनी शोभा की वस्तु! कागज़ों में चालू, ज़मीन पर बंद—बस स्टैंड शौचालय में पानी नहीं, शर्म भी नहीं!