कार्तिक माह की परमा को मनौती मांगने वाले श्रद्धालुओं ने गोवृत्ति धारण कर 12 ग्रामों की परिक्रमा की जिन्हें स्थानीय भाषा में मौनिया कहा जाता है। इन श्रद्धालुओं ने रास्ते के ग्रामों में घरों में गोवर्धन का पूजन किया एवं मौनिया नृत्य किया। रास्ते मे मौनिया ने जगह-जगह प्रसाद वितरित किया। मौनियों ने ढोल, मृदंग पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर नृत्य किया ।