शुक्रवार दोपहर 3 बजे मिली राजस्थान में एक ग्राम संगठन सहायक हेमंत जाटव के खिलाफ लगाए गए रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच के बाद उन्हें क्लोरिफाई कर दिया गया है। जांच कमेटी ने पाया कि जाटव ने कभी भी लोन पास करवाने के लिए रिश्वत की मांग नहीं की थी। क्लस्टर मैनेजर सुशीला धाकड़ ने बताया कि आरोप निराधार हैं।