ग्राम काटकुर के किसान दिनेश पाटीदार ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब 70 से 80 वर्ष पूर्व हमारे पिताजी और हमारे दादा के समय दो अलग- अलग तरह के देशी आम के बीज बोए गए थे, जो समय के साथ बड़े होने पर एक ही तने में तब्दील होकर अब पेड़ गए है। इस पर फल भी लग रहे है। जो खाने में अलग-अलग स्वाद के होते हैं