चरखारी में आयोजित अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन के तीसरे दिन खिचड़ी तुलाई की सदियों पुरानी परंपरा पूरे उत्साह और आस्था के साथ पूरी की गई। सोने की तराजू में मूंग और चावल की खिचड़ी तुली गई, जिसे कुलदेवी को भोग लगाने के बाद सभी किन्नरों में प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मतभेदों का निस्तारण भी किया गया और आपसी प्रेम की शपथ दिलाई गई।