4 जनवरी को नागरिकों की एक शांत, जिम्मेदार और जागरूक एकत्रता आयोजित की गई यह न तो कोई प्रदर्शन है, न आंदोलन और न ही किसी संगठन विशेष का कार्यक्रम। यह उन सामान्य नागरिकों की सामूहिक उपस्थिति है जो मानते हैं कि सार्वजनिक नीति डर, अफवाह और अप्रमाणित सूचनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि विज्ञान, कानून और मानवीय मूल्यों के आधार पर तय होनी चाहिए।हाल के समय में सामुदायिक