हालांकि, सदर अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा युवक को रांची रिम्स रेफर किए जाने के बावजूद उसे 108 एंबुलेंस से रांची ले जाने के बजाय पतराटोली स्थित मधु केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जिसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों का कहना है कि वे अपनी मर्जी से निजी अस्पताल ले गए हैं, लेकिन रिम्स रेफर मरीज को निजी अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया जांच का विषय बनी हुई है