विधि नायक भगवान पार्श्वनाथ के बाल रूप को सभी महिलाओं द्वारा अपने घरों पर ले जाकर प्रतिमा को हाथ में लेकर भक्ति पूर्वक भजन कीर्तन किए जाते हैं। 20 मार्च को पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में प्रतिमा की शुद्धि की जावेगी।जिसके बाद महिलाऐं स्पर्श नहीं कर सकेंगी। रविवार को 5 बजे गोहद चोराहा पर भी कार्यक्रम आयोजित किया गया।