सत्संग का मानव जीवन मे महत्वपूर्ण योगदान है। 84 लाख योनियों में भटकाव के बाद मानव योनी में बहुत मुश्किल से जन्म होता है। इसे किसी भी कीमत में व्यर्थ में नहीं जाने दें। सत्संग, ध्यान, भजन मानव जीवन में करने से लोगो को निश्चित रूप से मोक्ष की प्राप्ति मिलती है। उक्त बातें मधुबनी पंचायत के वार्ड 10 स्थित गांव में आयोजित संत मत सत्संग के दूसरे दिन के अंतिम सत्र