आचार्य श्री आर्जव सागरजी महाराज ने श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर बडोदिया में आयोजित धर्मसभा के दौरान आज सुबह 11बजे व्यक्त किए। आचार्य श्री ने कहा कि जिस व्यक्ति के जीवन में पूजा, संस्कार और सद्गुरु का मार्गदर्शन आ जाता है, उसका जीवन स्वतः ही श्रेष्ठ बन जाता है। व्यक्ति की पहचान उसके आचरण, बोलचाल और चाल-चलन से होती है, जिससे उसके संस्कार और कुल की झलक मिलती