शनिवार की शाम लगभग 4:00 बजे के करीब गढ़पुरा बाबा हरी गिरी धाम में देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर 9 दिवसीय भागवत ज्ञान कथा का हुआ शुरू। जिसमें कथा वाचीका ब्यास बेदेही शरण जी ने श्रीमद् भागवत महापुराण की अत्यंत शिक्षाप्रद गोकर्ण धुंधकारी कथा का भावपूर्ण वर्णन किया जिसमें बताया यह कथा से सत्य का उजागर करती है