सनावद मे वैशाख शुक्ल तृतीया को जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव आदिनाथ द्वारा राजा श्रेयांस के यहां प्रथम इक्षु रस का आहार लेने की स्मृति में अक्षय तृतीया पर्व श्रद्धा से मनाया गया।जैन समाज के प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने रविवार को दोपहर दो बजे जानकारी देते हुए बताया कि इस पावन अवसर पर सुबह दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर,आदिनाथ छोटा मंदिर, सुपार्श्वनाथ जैन