शक्करगढ़ श्री संकट हरण हनुमत धाम में ब्रह्मलीन संत अमराव जी महाराज के प्रथम निर्वाण महोत्सव का आज बुधवार शाम करीब पांच बजे समापन श्रद्धांजलि सभा के साथ हुआ। देशभर से आए संतों ने उनके सरल, तपस्वी और गौसेवा से प्रेरित जीवन को नमन किया। अमराव जी द्वारा एक गाय से शुरू की गई सेवा आज 650 गौमाताओं की आदर्श गौशाला में विकसित हो चुकी है।