वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पांच गांवों को गोद लेगा। गोद लेने के बाद अधिकारी से लेकर शिक्षक ग्रामीण भारत को नजदीक से जाकर देखेंगे। इस क्रम में वहां बदलाव का ढांचा तैयार करने के लिए कौन से संसाधनों की जरूरत है, इसकी रिपोर्ट देंगे। साथ ही हर तीन माह में रिव्यू भी होगा। यह पता लगाया जाएगा कि क्या बदलाव आया या नही।