कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण अंचल में आंवला नवमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। साधु-संतों के सानिध्य में कार्तिक मास शुक्लपक्ष की नवमी तिथि पर महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार आंवले के वृक्ष की पूजाअर्चना की। सूर्योदय के साथ ही मंदिरों,बगीचों और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाएं सौलह श्रृंगार में सज-धज कर आंवले के पेड़ की परिक्रमा दी।