हुसैनाबाद के सिद्धनाथ गेट के सामने स्थित के.के. हॉस्पिटल परिसर में साहित्य और संवेदना से जुड़ा एक प्रेरक दृश्य देखने को मिला, जब युवा कवि एवं साहित्यकार विनोद सागर ने शनिवार दोपहर 2:00 बजे अपनी स्वरचित पुस्तकों “संभावना अभी जीवित है” एवं “सहारा” को चिकित्सकों को भेंट किया। यह अवसर साहित्य, समाज और मानवीय सरोकारों पर केंद्रित रहा। पुस्तक भेंट के दौरान साहित्य