भुड़कुड़ा सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर महंत शत्रुघ्न दास जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति को जागृत करने और हिंदू समाज को संगठित करने के उद्देश्य से वे इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज का युवा अपनी मूल हिंदू संस्कृति से दूर होता जा रहा है, जिसे वापस मूल स्वरूप में लाने की आवश्यकता है।