ग्राम पंचायत परमारखेड़ी के अंतर्गत आने वाले गांव किलोडिय़ा के ग्रामीणों को चंबल नदी किनारे बने शमशान घाट पर सर्दी और गर्मी के दिनों में लगभग 15 से 20 फीट गहरी नहर से होकर जाना पड़ता था, वहीं बारिश के दिनों में अंतिम संस्कार के लिए नागदा के शमशान घाट तक का सफर तय करना पड़ा था। महिला सरपंच मााया शंकरसिंह गुर्जर ने ग्रामीणों की पीड़ा का समझा ।